बेटे को टिकट के लिए मैं इस्तीफा देने को तैयार’, BJP सांसद के बयान ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ाईं

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लखनऊ : यूपी विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) में पिछड़ा वर्ग के बड़े नेताओं के पाला बदलने से परेशान बीजेपी (BJP) में अब सीटों पर नेताओं के बेटे-बेटियों और रिश्तेदारों की दावेदारी को लेकर अंतर्कलह सामने आने लगी है. बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी का बयान यही संकेत दे रहा है. जोशी ने सोमवार को कहा, मैंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखा है. मेरा बेटा मयंक लखनऊ कैंट में काफी दिनों से सक्रिय है और मेहनत कर रहा है, उन्हें टिकट मिलना चाहिए. अगर मयंक को टिकट पार्टी देती है तो नियमों का पालन करने के लिए वो खुद इस्तीफा देने को तैयार हैं. लेकिन मैं किसी भी दल में जाने वाली नहीं हूं. बीजेपी में थी, हूं और रहूंगी. दरअसल, बीजेपी ने नियम बनाया है कि एक परिवार से सिर्फ़ एक सदस्य को टिकट दिया जाएगा. इस पर रीता बहुगुणा जोशी ने कहा है कि वो लोकसभा से इस्तीफ़ा दे देंगी ताकि उनके बेटे मयंक को लखनऊ कैंट से टिकट दिया जा सके.

कांग्रेस छोड़कर लंबे वक्त पहले बीजेपी का दामन थामने वाली जोशी ने कहा कि वो यूपी विधानसभा चुनाव  में बेटे के लिए टिकट चाह रही हैं, लेकिन इसके लिए लाबिंग नहीं कर रही हैं. इलाहाबाद सीट से सांसद (Allahabad Lok Sabha MP ) जोशी दिल्ली में थीं और उन्हें यूपी में बीजेपी के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात भी की. उन्होंने इसे एक शिष्टाटार मुलाकात बताया औऱ कहा कि ये पार्टी से जुड़े मुद्दों को लेकर सामान्य चर्चा थी.

ये चर्चाएं काफी तेज हैं कि रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी लखनऊ कैंट (Lucknow Cantt) सीट से टिकट के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं. इस सीट से रीता बहुगुणा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी औऱ बाद में वो इलाहाबाद से लोकसभा सांसद चुनी गईं. बीजेपी नेता सुरेश चंद्र तिवारी ने 2019 के विधानसभा उपचुनाव में लखनऊ कैंट सीट जीती थी और समाजवादी पार्टी की नेता अपर्णा यादव को हराया था. अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू हैं. जोशी ने कहा कि उनका बेटा बीजेपी टिकट चाह रहा है, वो अलग बात है. वो धर्मेंद्र प्रधान से यूपी चुनाव के जोनल मुद्दों को लेकर चर्चा करने आई थीं. 

जोशी ने कहा, अगर बेटा पार्टी का टिकट मांग रहा है तो वो उसका अधिकार है, लेकिन इस मुद्दे पर आज बात नहीं हुई है. जोशी ने यह भी कहा, मैं 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छुक नहीं हूं. वास्तव में मैं कोई भी चुनाव लड़ना नहीं चाहती. बीजेपी सांसद ने यहां तक कहा कि वो तो 2019 में भी चुनाव नहीं लड़ना चाहती थीं, लेकिन पार्टी ने निर्देश दिया तो उन्होंने इसे माना. पार्टी मयंक की पृष्ठभूमि और राजनीतिक सक्रियता के आधार पर टिकट का फैसला कर सकती है. लखनऊ कैंट लखनऊ जिले में आने वाली 9 विधानसभा सीटों में से एक है. यहां बड़ी संख्या में हिन्दू ब्राह्णण वोट हैं. इस सीट पर चुनाव 23 फरवरी को होना है. 

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