वाराणसी: ज्ञानवापी केस में सुनवाई पूरी, कल दोपहर 12 बजे आएगा कोर्ट का फैसला

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वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले को लेकर कोर्ट में बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई. कोर्ट ने मामला सुरक्षित रख लिया है. अब इस मामले में कोर्ट कल यानी गुरुवार दोपहर को 12 बजे अपना फैसला सुनाएगा. प्रतिवादी अंजुमन इंतजामियां मसाजिद कमेटी की तरफ से एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को हटाए जाने की मांग को लेकर 3 दिन तक बहस चली, जिसके बाद वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर ने 11 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब 12 मई को तय होगा कि एडवोकेट कमिश्नर इस मामले में रहेंगे कि नहीं.

पूरी ईमानदारी से किया काम: एडवोकेट कमिश्नर वाराणसी के चर्चित श्रृंगार गौरी मामले में कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने आजतक से खास बातचीत में बताया कि उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा से अपना काम किया है. आपत्तियां आती रहती हैं जिसका निस्तारण करना कोर्ट का काम है. मैंने सारा आदेश सही से मना है. ऐसा कोई काम नहीं हुआ, जिससे आदेश का उल्लंघन हो. आदेश जो भी होगा हम उसका पालन करेंगे. मालूम हो कि उनके खिलाफ 7 मई को प्रतिवादी अंजुमन इंतजामियां मसाजिद कमेटी कोर्ट पहुंची थी. उन्हें बदलने की मांग की थी.

अजय मिश्रा ने

ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर दिखा स्वास्तिक’

वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद और काशी विश्वनाथ मंदिर के सर्वे के दौरान वीडियोग्राफी करने वाले विभाष दूबे ने बताया कि मस्जिद की दीवार पर तराशा हुआ प्राचीन घंटा और फूलों की लड़ियां दिखाई दी थी. आजतक से बात करते हुए विभाष दूबे ने कहा कि श्रृंगार गौरी के नीचे झांकने पर विष्णुजी का फन काढ़े नाग और ब्रह्माजी का कमल दिखा.

मथुरा में ईदगाह मस्जिद के सर्वे की उठी मांग

वहीं मथुरा में भी केशव देव बनाम शाही ईदगाह मस्जिद केस के मामले में केस के वादी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय से बनारस की तर्ज पर मथुरा में भी वरिष्ठ अधिवक्ता को कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की है. इसके अलावा संपत्ति पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने एवं मस्जिद में मौजूद ॐ स्वास्तिक, कमल, हिंदू कलाकृतियों की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी कराकर सभी तथ्य न्यायालय के सामने पेश करने का प्रार्थना पत्र दिया गया है.

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