27 वर्षो से चैत्र प्रतिपदा, शरदीय नवरात्रि में कर रहे अखंड सतचंडी अनुष्ठान

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स्वामी हरिनारायण समदर्शी जी द्वारा सनातन विश्व शांति साधना द्वारा संकल्प मां भगवती दुर्गा विश्व का, सभी का करें कल्याण

छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें पीढ़ी वंशज के है राजगुरू

प्रयागराज। तपोस्थली आश्रम, पुणे के स्वामी हरिनारायण समदर्शी महराज विश्व शांति, लोगों की उन्नति और कल्याण के लिए निरंतर 27 वर्षो से चैत्र प्रतिपदा और शरदीय नवरात्रि में अखंड सतचंडी अनुष्ठान कर रहे है। पहले गिरनार पर्वत, विंध्याचल, उज्जैन, कामरु और कामाख्या आदि शक्तिपीठों में विश्व कल्याण के लिए अनुष्ठान कर रहे है।

अब यह अनुष्ठान 15 वर्षों से स्वामी हरिनारायण समदर्शी तपोस्थली आश्रम, पुणे में कर रहे है। कोरोना काल में महामारी दूर करने के लिए स्वामी हरिनारायण समदर्शी तपोस्थली आश्रम से एक किलोमीटर निकट पुणे सिद्धेश्वर पुरुषार्थ आश्रम की भूमि पर हजारों लाल मिर्च से सिद्ध हवन किया था।


स्वामी हरिनारायण समदर्शी महराज ने बताया कि छत्रपति राज माता करोड़ों कालखंड में विश्व कल्याण के लिए हवन में छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें पीढ़ी वंशज छत्रपति उद्ययनराजे भोसले महाराज साहब की राजमाता छत्रपति श्रीमंत कल्पना राजे भोसले छत्रपति राजमाता का विशेष योगदान है। राजमाता स्वामी से गुरु दीक्षा भी प्राप्त किए हैं। स्वामी हरिनारायण समदर्शी छत्रपति राज माता के राजगुरु है। राजमाता के बेटे सतारा महाराष्ट्र से सांसद हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज के गादी के वारिस हैं। छत्रपति राजे परिवार को संपूर्ण महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की तरह सभी महाराष्ट्र के राजनीतिक दल सम्मान करते हैं।
स्वामी हरिनारायण समदर्शी महराज ने बताया कि आज चैत्र नवरात्रि के उपलक्ष में आराध्य आदिशक्ति सिद्ध मां भगवती की प्रतिमा के समक्ष तपोस्थली आश्रम, पुणे में नव दिवस सतचंडी पाठ, पशुपति पतार्थ मंत्र साधना, अखंड अनुष्ठान नौ दिवस तक निराहार रहकर शुरू किया है।
स्वामी हरिनारायण समदर्शी महराज ने बताया कि नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मां भगवती की सिद्ध प्रतिमा का दर्शन आप सभी को प्राप्त हो। मां भगवती से प्रार्थना है कि आप सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों।
स्वामी हरिनारायण समदर्शी महराज ने बताया कि सिद्धेश्वर, पुरुषार्थ दंडी स्वामी बालक आश्रम अध्यक्ष चित्रकूट, अरैल प्रयागराज और आध्यात्मिक शाखा आराध्य तपोस्थली आश्रम, पुणे, महाराष्ट्र में आश्रम है। उन्होंने बताया कि
चैत्र शुक्ल पक्ष, चैत्र नवरात्रि, प्रतिपदा तिथि, शतचंडी अनुष्ठान पर प्रथम दिवस सभी के लोक कल्याण की कामना मां दुर्गा से किया है।

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