उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर सरस्वती भवन में एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन आयोग के अध्यक्ष श्री संजय श्रीनेत ने किया। शिविर के नोडल अधिकारी डॉ. बिलाल अहमद ने इस कार्यक्रम को अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
इस शिविर में 500 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से लगभग 150 मरीजों ने यूनानी डेस्क से लाभ उठाया। यूनानी विशेषज्ञों की टीम ने मरीजों का विस्तार से परीक्षण किया तथा हिजामा (कपिंग थेरेपी) भी किया गया, जिससे मरीजों में काफी संतोष और रुचि देखने को मिली।
इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ. वसीम अहमद ने कहा कि ऐसे चिकित्सा शिविर आम जनता तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि यूनानी चिकित्सा पद्धति अपनी प्रभावशीलता और सुरक्षित उपचार पद्धति के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही है। साथ ही उन्होंने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रखा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें और जनस्वास्थ्य को बढ़ावा मिले।
यूनानी सर्विसेज उत्तर प्रदेश के निदेशक प्रोफेसर जमाल अख्तर ने भी इस सफल चिकित्सा शिविर के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए टीम के प्रयासों की सराहना की।
शिविर में डॉ. मोहम्मद खालिद, डॉ. मुबश्शिर अब्बास, डॉ. सबा इमदाद, डॉ. उसामा, डॉ. अबू जफर, डॉ. शाह आलम, डॉ. अबू उबैदा, डॉ. हुमा, डॉ. इबतिसाम और डॉ. कुलसुम ने मरीजों का परीक्षण किया, जबकि दवाओं के वितरण में मसूद, अमन सिंह, इरशाद अहमद और चंद्रभान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह चिकित्सा शिविर आयोग के कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ और इसके माध्यम से यूनानी चिकित्सा पद्धति की लोकप्रियता को और अधिक बढ़ावा मिला।