इसराइल-ग़ज़ा हिंसा: मीडिया कार्यालयों की इमारत पर हमले के बाद अमेरिका की इसराइल को चेतावनी

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इजरायल और फिलिस्तीन के बीच खूनी संघर्ष जारी है. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक कॉल पर नागरिक हताहतों और पत्रकारों की सुरक्षा के बारे में चिंता जताई. बता दें कि शनिवार को एक इजरायली हवाई हमले ने गाजा शहर में एक ऊंची इमारत को नष्ट कर दिया, जिसमें एसोसिएटेड प्रेस और अन्य मीडिया आउटलेट्स के कार्यालय थे. जानकारी के मुताबिक एसोसिएटेड प्रेस के सभी कर्मचारियों और फ्रीलांसरों को इमारत को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

एपी के अध्यक्ष और सीईओ गैरी प्रुइट ने अपने एक बयान में कहा कि हम हैरान और भयभीत हैं कि इजरायली सेना गाजा में एपी के ब्यूरो और अन्य समाचार संगठनों के आवास को निशाना बना कर नष्ट कर देगी. वे लंबे समय से हमारे ब्यूरो के स्थान को जानते हैं और जानते थे कि पत्रकार वहां थे. उन्होंने कहा कि हमें एक चेतावनी मिली थी कि इमारत को नुकसान होगा.

दूसरी तरफ व्हाइट हाउस का कहना है कि बिडेन ने शनिवार को इजरायल में अंतर-सांप्रदायिक हिंसा और वेस्ट बैंक में बढ़ते तनाव के बारे में अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की. बिडेन और नेतन्याहू ने यरूशलेम पर भी चर्चा की, जिसमें बिडेन ने कहा कि इसे सभी धर्मों और पृष्ठभूमि के लोगों के लिए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का स्थान होना चाहिए.

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति और जो बाइडेन की फोन पर बातचीत

वहीं फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने जो बाइडेन से फोन पर बातचीत की जिसमें उन्होंने इजरायल से जारी संघर्ष में हस्तक्षेप करने और फिलिस्तीन पर हो रहे हमलों को बंद करवाने की अपील की. एक जानकारी के मुताबिक अब्बास ने राष्ट्रपति बाइडेन से कहा कि जब तक इलाके से इजरायली कब्जा नहीं हट जाता तब तक यहां शांति स्थापित नहीं हो सकती है.

हमास ने भी दागे अब तक 1800 रॉकेट

इजरायल की तरफ से रॉकेट दागे जा रहे हैं, तो हमास भी अब तक 1800 रॉकेट दाग चुका है. हमास की तरफ से इजरायल के रिहायशी इलाकों में गोले दागे गए हैं. जिसके बाद इजरायल ने भी जोर देकर कहा है कि हमास की तरफ से इंसानियत को शर्मसार किया गया है और उन्हें इसका मुंहतोड़ जवाब मिलेगा. जानकारी के मुताबिक इस दौरान परिस्थिति ऐसी है जहां पर ना इजरायल पीछे हटने को तैयार है और ना ही फिलिस्तीन की तरफ से हमले कर रहा हमास. कुछ देशों द्वारा मध्यस्थता की कोशिश की गई है, लेकिन कोई परिणाम निकलता नहीं दिख रहा है.

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