भू माफ़ियाओ ने नही किसानों ने चंदे से बनवाया था पुलिया,आज अफसरों से मिलकर किसानों ने बताई अपनी पीड़ा

Share this news

प्रयागराज में ससुर खदेरी नदी पर पुलिया बनाने के मामले में आज नया मोड़ आ गया धूमन गंज के देवाघाट ग्राम दामुपुर के किसानों और कुछ वकील प्रशासन के पास पहुँचे.

ग्राम प्रधान की अगुवाई में दर्जनो किसान आज ADM सिटी अशोक कनौजिया से मिले और उन्हें एक ज्ञापन देकर बताया कि ससुर खदेरी नदी में जो पुलिया बनाई गई है वो सब किसानों ने चंदा इखट्टा करके बनावाया था इसमे किसी भू माफिया का हाथ नही है उस पुलिया बनने से इलाके के लोगो को काफी सहूलियत है पुलिया न होने पर तो 9 km का रास्ता पार करके गाँव जाना पड़ता था।

लेकिन पुलिया की वजह से ये दूरी कम हो गई किसानों का आरोप है कि इस पुलिया को एक बिल्डर के द्वारा प्लाटिंग की बात को सामने रख कर पेश बंदी करके पुलिया को गिराने की कोशिस की जा रही है। और पुलिस और प्रशासन को गुमराह करके Fir दर्ज कराई गई है किसानों ने इस मामले की जांच की भी मांग की है।

ससुर खदेरी नदी पर पुलिया बनाने की बात मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित हुई तो पीडीए और पुलिस डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया इसमे शुरुआत में जो चीजे सामने आई थी उससे साफ था कि ये कार्य भू माफिया के द्वारा किया गया था खबरो के सामने आने के बाद पुलिस ने एक शख्स के खिलाफ FIR भी दर्ज की थी लेकिन आज किसानों ने खुद आकर बताया कि ये पुलिया गाँव वालों के चंदे से उन्होंने खुद बनवाई थी और एक बिल्डर के इशारे पर कूट रचना करके अफसरों को भृमित कर दिया गया। इस मामले में आई जी केपी सिंह का साफ कहना है कि जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे उस पर एक्शन लिय्या जाएगा।

नदी पर पुलिया छुपा कर नही बन सकती जिससे साफ है कि इलाके के अफसरों को जानकारी थी लेकिन इस मामले को जिस तरह से माफ़िया से जोड़ा गया उससे पुलिस और पीडीए को हरकत में आना पड़ा और पीडीए ने संबंधित लोगो को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा अब किसान इसको जनहित से जोड़कर प्रशासन से रहम की गुहार लगा रहे है। किसानों का कहना है कि सालो से पुलिया बनाने के लिए नेताओ और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाया गया लेकिन नतीजा कुछ नही निकला जिससे उनको ही आगे आकर पुलिया निर्माण कराना पड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Translate »
error: Content is protected !!