मुख्तार अंसारी को नही मिल पाएगी बांदा जेल सुविधाएं।

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बांदा जेल में टीवी नहीं देख पाएगा मुख्तार अंसारी:MP-MLA कोर्ट में जेल अधीक्षक ने पेश की रिपोर्ट, सुविधाएं बढ़ाई गईं पर नहीं मिलेगा बाहर का खाना, टीवी और कूलर

पूर्वांचल के माफिया डान के रूप में कुख्यात बीएसपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में टीवी, कूलर और बाहर का खाना नहीं मिलेगा। हालांकि जेल प्रशासन ने साधारण बंदी को मिलने वाली सुविधाओं के साथ ही कुछ विशेष सुविधाएं भी मुहैया कराई हैं।

स्पेशल एमपी -एमएलए कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान बांदा जेल अधीक्षक ने मंगलवार को अपनी पेश रिपोर्ट में यह बात कही है। हालांकि जेल मैनुअल के तहत मुख्तार अंसारी को जो सुविधाएं दी गई हैं उसे प्रयागराज की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने औचित्यहीन माना है पर इस मामले में कोई भी दखल नहीं दिया है।
क्या सुविधा मिली।


मेज- चौकी, अख़बार, मच्छरदानी, पसंद का खाना, पंखा, सोने के लिए लकड़ी का तख़्त, दरी और कॉटन की चादर के साथ ही एक जोड़ी चप्पल।

क्या नहीं मिलेगा
टीवी, कूलर और बाहर से मंगाए जाने वाले खाने की अनुमति।

बांदा जेल में टीवी नहीं देख पाएगा मुख्तार अंसारी:MP-MLA कोर्ट में जेल अधीक्षक ने पेश की रिपोर्ट, सुविधाएं बढ़ाई गईं पर नहीं मिलेगा बाहर का खाना, टीवी और कूलर

पूर्वांचल के माफिया डान के रूप में कुख्यात बीएसपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में टीवी, कूलर और बाहर का खाना नहीं मिलेगा। हालांकि जेल प्रशासन ने साधारण बंदी को मिलने वाली सुविधाओं के साथ ही कुछ विशेष सुविधाएं भी मुहैया कराई हैं।

मुख्तार के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही 11 मुकदमों की सुनवाई
प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में बाहुबली मुख्तार अंसारी से जुड़े ग्यारह आपराधिक मुकदमों की सुनवाई चल रही है। इनमें मऊ जिले के दक्षिणटोला इलाके के डबल मर्डर केस का मामला भी शामिल है। इसका ट्रायल भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये चल रहा है। पिछले दिनों वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से जब इस मामले की सुनवाई हो रही थी तो मुख्तार ने बांदा जेल में विशेष सुविधाएं दिए जाने की मांग की थी। मुख्तार अंसारी की तरफ से कोर्ट में यह दलील दी गई थी कि वह लगातार पांच बार का विधायक है। तकरीबन पचीस साल से जन प्रतिनिधि चुना जाता रहा है। अभी उसे किसी भी अपराध में दोषी भी नहीं ठहराया गया है लिहाजा उसे विशेष सुविधाएं मिलनी चाहिए।


मुख्तार के वकील की तरफ से दलील
मुख्तार के वकील ने कोर्ट में जो दलील दी है उसके मुताबिक विधायक होने के नाते यूपी जेल मैनुअल के पैराग्राफ 432 के तहत उसे विशेष सुविधाएं मिलनी चाहिए। उसके रहने व खाने के विशेष इंतजाम होने चाहिए। जेल मैनुअल के मुताबिक़ आम कैदियों की अपेक्षा उसे कुछ छूट भी मिलनी चाहिए। मुख्तार ने खुद के बीमार होने, सीनियर सिटीजन होने, ग्रेजुएट होने और इनकम टैक्स पेयी होने की भी दलील दी थी। इन सभी आधारों पर उसे सबसे ज़्यादा सुविधाएं मिलनी चाहिए। मुख्तार की इस मांग पर प्रयागराज की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने बांदा जेल के अधीक्षक से जवाब तलब किया था।


अन्य सुविधाओं के लिए नये सिरे से दाखिल करनी होगी अर्जी
प्रयागराज के एडीजीसी क्रिमिनल राजेश गुप्ता के मुताबिक़ बांदा जेल के अधीक्षक की रिपोर्ट के बाद मुख्तार अंसारी की मांग औचित्यहीन हो गई है, इसलिए कोर्ट ने इस मामले में फौरी तौर पर कोई दखल नहीं दिया है। उनका कहना है कि अगर मुख्तार के वकील सुविधाओं को और बढ़ाने या कुछ अन्य मांग करते हैं तो उन्हें नये सिरे से अर्जी दाखिल करनी होगी।
जेल अधीक्षक के जवाब के 5 मुख्य बिंदु

मुख्तार को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। सुविधाएं देने में मुख्तार और जेल की सुरक्षा-व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया है।

कोविड प्रोटोकॉल का भी पालन कराया जा रहा है।. मुख्तार को सोने के लिए तख़्त, चौकी, मेज, मच्छरदानी, चप्पल दिया गया है।

उसे अखबार पढ़ने की सुविधा, कॉटन की चादरें, दरी,पसंद का खाना व अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं।

टीवी – कूलर और बाहर से मंगाए जाने वाले खाने की इजाज़त फिलहाल नहीं दी गई है।

जेल मैनुअल के मुताबिक़ वीआईपी कैटेगरी में आने वाले बंदियों को कुछ विशेष सुविधाएं जेल प्रशासन की तरफ से दी जाती हैं।

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