हनुमान चालीसा विवाद में गिरफ्तार सांसद नवनीत राणा और उनके पति को हाईकोर्ट से लगा झटका

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मुंबई : हनुमान चालीसा विवाद में गिरफ्तार सांसद नवनीत राणा और उनके पति को हाईकोर्ट से झटका लगा है. हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की उनकी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. बांबे हाईकोर्ट ने नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा की याचिका ठुकरा दी है. राणा दंपति को महाराष्ट्र पुलिस ने एक दिन पहले गिरफ्तार किया था, उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. अदालत ने एफआईआर खारिज करने से इनकार करते हुए कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे लोगों को ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी चाहिए. गौरतलब है कि नवनीत राणा और उनके पति ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर के बाहर शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया था. इसको लेकर मुंबई पुलिस ने उन्हें नोटिस दिया था और कानून-व्यवस्था न बिगाड़ने की चेतावनी दी थी. हालांकि शनिवार को राणा दंपति के घर के बाहर सैकड़ों की तादाद में शिवसैनिक इकट्ठा हो गए और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया था. 

सांसद नवनीत राणा को मुंबई पुलिस ने भायखला महिला जेल में स्थानांतरित किया गया है.  उनके पति एवं विधायक रवि राणा को नवी मुंबई के तलोजा जेल में रखा गया है.नवनीत राणा पर राजद्रोह की धारा भी लगाई है. पूरे मामले को लेकर और एफआईआर रद्द करवाने के लिए नवनीत राणा ने बांबे हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई हुई. राणा दंपत्ति को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान किया था. इससे  नाराज शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने उनके घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया था. मुंबई पुलिस ने राणा दंपति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इसमें राजद्रोह का आरोप भी जोड़ा गया था. रविवार को मुंबई की एक अदालत ने राणा दंपति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.रविवार देर रात अमरावती से सांसद नवनीत राणा को भायखला महिला कारावास ले जाया गया था.

यह पूरा विवाद लाडउस्पीकर को लेकर शुरू हुआ था, जिसको लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने ऐलान किया था कि अगर मस्जिदों से 3 मई तक लाउडस्पीकर न हटाए गए तो वो लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी, जिसमें तमाम दलों के प्रतिनिधि इकट्ठा हुए, लेकिन बीजेपी के नेताओं ने इसमें हिस्सा नहीं लिया. (भाषा इनपुट से)

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