कई जाने माने शायर और साहित्यकार होंगे शामिल, फ़िल्म ACTOR तिमांशु धुलिया नें प्रेस कांफ्रेस करके दीं जानकारी, सिविल लाइन्स इस्थित बिशप जॉनसन स्कूल मे होगा कार्यक्रम.
प्रयागराज, 17 दिसंबर 2025: अकबर इलाहाबादी कह गए,
कुछ इलाहाबाद में सामान नहीं, बहबूद के
यहाँ धरा क्या है बा जुज़ अकबर के और अमरुद के
रुकिए हम बताते हैं, पुराने इलाहाबाद और नए प्रयागराज में क्या है? आज प्रयागराज में बज़्म-ए-विरासत – दूसरी महफ़िल को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। माहौल काफ़ी उत्साहभरा था और इसमें बड़ी संख्या में पत्रकार और डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस मौके ने एक बार फिर साबित किया कि बज़्म-ए-विरासत अब साहित्य, सिनेमा, विचारों और हमारी जीवंत विरासत का एक अहम मंच बन चुका है।
कार्यक्रम की शुरुआत बज़्म-ए-विरासत के तीन संस्थापकों में एक संस्थापक ज़फ़र बख़्त ने की। उन्होंने मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि महफ़िल को सभी के सहयोग से ही और सफल बनाया जा सकता है.
विगत वर्ष कार्यक्रम का उदघाटन प्रसिद्ध बांसुरी वादक हरि प्रसाद चौरसिया जी ने किया था. लिहाज़ा सबसे पहला प्रश्न दूसरी महफ़िल के उद्घाटन सत्र को लेकर किया गया, जिस पर ज़फर बख्त ने बताया कि दूसरी महफ़िल की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और प्रयागराज की माटी के लाल सुधांशु धूलिया करेंगे. जिस पर तिग्मांशु धूलिया ने मज़ाकिया लहजे में कहा, “अच्छा हुआ इसका जवाब मैंने नहीं दिया.”
छात्र राजनीति और कार्यक्रम में पुराने छात्र नेताओं को जोड़ने पर पूछे गए सवाल पर तिग्मांशु ने प्रयागराज के कांग्रेस नेता अभय अवस्थी का नाम लिया. इसके बाद अपना ज़िक्र करते हुए कहा “मैं खुद भी हूँ. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का ही छात्र रहा हूँ”
आयोजन से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा, “आप भी सुझाव दीजिये. मैं तो फिल्म बनाता हूँ, इवेंट कभी नहीं किया. ये भी इवेंट का दूसरा ही साल है. हम भी सीख ही रहे हैं. आप लोगो का सहयोग भी ज़रूरी है.”
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में दास्तानगोई ए सरफ़रोशी, शहर पर केंद्रित सत्र ‘लंतरानी’, निर्गुण भजन गायक प्रहलाद टिपानिया की प्रस्तुति, फिल्मी दुनिया की चर्चित हस्तियों के साथ चर्चा, मुशायरा और क्रिकेट पर एक रोचक चर्चा शामिल है. मीडिया की ओर से कलाकारों और खास मेहमानों से मिलने-जुलने को लेकर पूछे गए सवालों पर तिग्मांशु धूलिया ने भरोसा दिलाया कि बातचीत और इंटरैक्शन के लिए पर्याप्त समय दिलाने का प्रयास होगा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में ज़फ़र बख़्त ने सभी का पुनः आभार जताया किया और चाय-नाश्ते पर अनौपचारिक बातचीत के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान तिग्मांशु धूलिया ने मीडिया के साथ फोटो और सेल्फी भी लीं.
अंततः, प्रेस कॉन्फ्रेंस का समापन उत्सुकता और प्रसन्नता के साथ हुआ—और सन्देश दिया गया कि बज़्म-ए-विरासत – दूसरी महफ़िल सिर्फ़ एक इवेंट नहीं, बल्कि सोचने, बात करने और अपनी संस्कृति से नए तरीके से जुड़ने का मौका है।