महाराष्ट्र में कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, 23179 नए केस।

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महाराष्ट्र में कोरोना के नए मामले इस साल के रोज नए रिकॉर्ड बना रहे हैं. पिछले 24 घंटे में कोराना के 23 हजार से ज्यादा नए मामले आए हैं. दूसरी तरफ केंद्र से हालात परखने आई टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कि राज्य में कोरोना फैसले से रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए जा रहे. अगर महाराष्ट्र में कोरोना के मामले बढ़ने की यही रफ्तार रही तो हालात बेकाबू होते वक्त नहीं लगेगा. बढ़ते खतरे को देख महाराष्ट्र सरकार ने कई जिलों में पाबंदियों को बढ़ा दिया है.

महाराष्ट्र के दो शहरों नागपुर और पुणे में कोरोना सबसे विकराल रूप में दिख रहा है. नागपुर में पिछले 24 घंटे में 3,370 नए केस आए हैं और 16 लोगों की मौत हुई है. मंगलवार को करीब ढाई हजार केस आए थे. एक्टिव केस 21 हजार से ऊपर हो गए हैं पर लोगों को डर नहीं लग रहा. अब भी वो कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं कर रहे.

नागपुर में लोगों के इसी रवैये के चलते लॉकडाउन फेल हो रहा है. 15 मार्च से 21 मार्च तक लॉकडाउन लगाया गया था. अब प्रशासन ने फैसला लिया है कि दोपहर 1 बजे के बाद सब्जी, राशन, डेली नीड्स, मांस सहित सभी दुकाने बंद रहेंगी. सिर्फ दवाई की दुकानें खोलने की इजाजत दी गई है.

महाराष्ट्र के आंकड़े…
महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में 23179 नए केस, 84 लोगों की मौत
नागपुर में पिछले 24 घंटे में आए 3370 नए केस, 16 की मौत
नागपुर में दोपहर 1 बजे के बाद सब्जी, राशन की दुकानें भी होंगी बंद
मुंबई में 24 घंटे में 2377 नए केस, 8 मरीजों ने तोड़ा दम
महाराष्ट्र में एक लाख 52 हजार के पार हुए एक्टिव केस

महाराष्ट्र की हालत देखकर केंद्र ने राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि आने वाले महीनों में खराब से खराब हालात के लिए तैयार रहें. हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने महाराष्ट्र के चीफ सेक्रेटरी को खत लिखा है कि राज्य में रेपिड एंटीजन टेस्ट पर बहुत ज्यादा भरोसा किया जा रहा है जो ठीक नहीं है

केंटेनमेंट स्ट्रेटजी पर फोकस किया जाए. कांटेक्ट ट्रैसिंग, टेस्टिंग, आइसोलेट करने और कांटेक्ट को क्वारनटीन करने के लिए बहुत कम प्रयास हो रहे हैं. ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं कर रहे.

कोरोना से राहत पाने का एक उपाय वैक्सीनेशन है. देश भर में सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित दस जिलों में से आठ महाराष्ट्र के हैं. केंद्र की टीम महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर की शुरूवात बता चुकी है. ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र से हर हफ्ते बीस लाख वैक्सीन की डोज दिए जाने की मांग की है पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने महाराष्ट्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि राज्य में अबतक 56 फीसदी वैक्सीन का इस्तेमाल ही नहीं हुआ है.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को ट्वीट कर लिखा कि महाराष्ट्र ने अबतक सिर्फ 23 लाख वैक्सीन का इस्तेमाल किया है, जबकि केंद्र द्वारा कुल 54 लाख वैक्सीन दी गई हैं. यानी 56 फीसदी वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं हुआ है. अब शिवसेना के सांसद और वैक्सीन मांग रहे हैं . पहले महामारी का मिसमैनेजमेंट अब वैक्सीनेशन के दौरान भी यही हो रहा है. देश भर में आ रहे कोरोना के मामलों में से 61 फीसदी महाराष्ट्र से आ रहे हैं.

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