महाराष्ट्र में कोरोना बेकाबू, कोविड टास्क फोर्स ने की 14 दिन का लॉकडाउन लगाने की सिफारिश

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महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की स्थिति बेकाबू हो गई है. इस बीच रविवार की शाम मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोविड टास्क फोर्स के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. लॉकडाउन की अवधि क्या होगी, इस पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लेंगे, लेकिन कोविड टास्क फोर्स लॉकडाउन लगाने को लेकर एकमत नहीं है.
टास्क फोर्स के एक सदस्य ने कहा कि लॉकडाउन समाधान नहीं है. ऐसे में एक बार फिर से प्रदेश में लॉकडाउन लगाने से आम आदमी की समस्याएं बढ़ेगीं.

उन्होंने कहा कि कोरोना सेफ्टी नियम और ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण ही इस हालात से बाहर निकलने का रास्ता है. नियम तोड़ने वालों पर जुर्माने की राशि बढ़ाएं. भारी जुर्माना होने से लोग नियम तोड़ने से डरेंगे. स्टेशन और सभी सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को चेक किया जाए, उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए. उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन में तेजी लाई जाए. सोसाइटीज के अंदर जाकर, डोर टू डोर लोगों को टीका लगया जाए. लॉकडाउन अस्थायी उपाय है. इससे लोग निराश हो जाएंगे. इससे लोगों में गुस्सा होगा और वो फिर से वापस लौटेंगे.

उन्होंने आजतक से बात करते हुए आगे कहा कि हालांकि कुछ लोगों की राय है कि प्रदेश में 14 दिन का लॉकडाउन लगाया जाए. क्योंकि लोगों से नियम फॉलो करवाने में काफी मुश्किल आ रही है. वहीं मीटिंग अटेंड कर रहे कई सीनियर डॉक्टर्स और अन्य राजनीतिक दल के नेताओं ने भी मुख्यमंत्री को राय दी है कि प्रदेश में 14 दिनों के लिए लॉकडाउन लगाया जाए, जिससे कि चेन ब्रेक हो सके. इससे कम समय के लॉकडाउन से उद्देश्य पूरा नहीं होगा.

कोविड टास्क फोर्स ने समझाया है कि 14 दिनों का लॉकडाउन क्यों जरूरी है. वहीं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आठ दिन के लॉकडाउन के समर्थन में हैं. हालांकि लॉकडाउन लागू होने पर नियम काफी सख्त होने वाले हैं. टास्क फोर्स की मीटिंग में तीन सदस्य आठ दिनों के लिए लॉकडाउन लगाने के समर्थन में हैं. वहीं बाकी के सारे सदस्य 14 दिनों के लिए लॉकडाउन लगाने के समर्थन में हैं. कोविड टास्क फोर्स का कहना है कि लॉकडाउन से चेन ब्रेक करना बहुत जरूरी है.

कोविड टास्क फोर्स ने कमजोर पड़ रहे हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी चिंता जाहिर की है. टास्क फोर्स ने कहा कि अस्पतालों में बेड्स मौजूद नहीं हैं, ऑक्सीजन सप्लाई बहुत कम है. लॉकडाउन लगाने को लेकर मुख्यमंत्री ठाकरे का फैसला एक या दो दिनों में आ सकता है.

वहीं बीजेपी ने पहले ही पूरी तरह से लॉकडाउन लगाने को लेकर शर्त रखी है कि प्रदेश सरकार जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता मुहैया कराए, अन्यथा सरकार को लोगों के गुस्से का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.

(भाषा इनपुट से)

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