मुंबई में 119 दिन बाद आए 1000 से ज्यादा केस, महाराष्ट्र में कोरोना की डरावनी रफ्तार

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देश भर में कोरोना वैक्सीन प्रोग्राम चलाया जा रहा है, लेकिन महाराष्ट्र में कोरोना के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. बुधवार के दिन एक बार फिर कोरोना के मामलों में वृद्धि देखी गई. बीते 24 घंटों में महाराष्ट्र में 8,807 नए कोरोना मामले पाए गए हैं. साथ ही कोरोना के कारण 80 मौत दर्ज की गईं हैं. इससे पहले मंगलवार के दिन महाराष्ट्र में 6,218 मामले दर्ज किए गए थे और 51 मौत हुईं थीं. महाराष्ट्र में बुधवार के दिन, पिछले साल के18 अक्टूबर के बाद सबसे अधिक मामले पाए गए हैं. 18 अक्टूबर के दिन महाराष्ट्र में 9060 कोरोना मामले पाए गए थे.

महाराष्ट्र में पिछले सात दिनों में आए कोरोना मामलों की बात करें तो, 24 फरवरी को- 8807 (80 मौत), 23 फरवरी को- 6218 (51 मौत), 22 फरवरी को- 5210 (18 मौत), 21 फरवरी को- 6971 (35 मौत), 20 फरवरी को- 6281 (40 मौत), 19 फरवरी को- 6112 (44 मौत), 18 फरवरी- 5427 (38 मौत) मामले सामने आए हैं.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी 119 दिन बाद 1 हजार से अधिक कोरोना मामले पाए गए हैं. मुंबई में बुधवार के दिन 1167 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा कोरोना के कारण मुंबई में चार लोगों की जान चली गई. मुंबई में 23 फरवरी के दिन 643 नए कोरोना मामले पाए गए थे. इससे पहले 22 फरवरी के दिन 760, 21 फरवरी के दिन 921 मामले और 20 फरवरी के दिन 897 नए कोरोना मामले पाए गए थे.

इसके अलावा मुंबई स्थित एशिया के सबसे बड़े स्लम धारावी में भी बुधवार के दिन दो अंकों में नए कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं. एक लंबे समय के बाद धारावी में फिर से दो अंकों में कोरोना मामले पाए गए हैं. बुधवार के दिन धारावी में दस कोरोना मामले दर्ज किए गए. इसके साथ धारावी में कुल कोरोना मामले 4041 पहुंच चुके हैं, जिनमें से 33 अभी भी सक्रिय हैं. इससे पहले 17 जनवरी के दिन ही धारावी में दस मामले पाए गए थे. उसके बाद धारावी में कोरोना मामले दो अंकों में नहीं पहुंचे, ऐसा भी हुआ कि धारावी में कोई कोरोना मामला नहीं पाया गया था. इससे पहले धारावी में कोरोना के मामले जीरो से पांच के बीच बने हुए थे. लेकिन बुधवार के दिन एक साथ दस कोरोना मामले पाए जाने से धारावी में एक बार कोरोना का संकट बन आया है.

देश के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ रहे कोरोना मामलों को देखते हुए उत्तराखंड और दिल्ली के बाद अब बंगाल ने भी महाराष्ट्र, केरल, तेलंगाना और कर्नाटक राज्य से आने वाले लोगों के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य कर दिया है. इन राज्यों के नागरिकों को बंगाल में एंट्री से पहले RTPCR टेस्ट करना होगा. बंगाल सरकार का ये फैसला 27 फरवरी की रात के 12 बजे से लागू हो जाएगा.

महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रालय में काम करने वाले विभागों के लिए एक पत्र जारी किया है. कोरोना के मद्देनजर संबंधित विभाग के सचिवों को कर्मचारियों की उपस्थिति के बारे में फैसला लेने के लिए कहा गया है और विकल्प सुझाए गए हैं कि कि मंत्रालय में भीड़ कम करने के लिए कर्मचारियों को अल्टरनेट दिन बुलाएं, या हफ्ते में 3 दिन बुलाएं या एक-एक हफ्ते की शिफ्ट में बुलाएं. पत्र में ये भी कहा गया है कि नियमो का पालन सही तरीके से हो तो ही सभी को बुलाएं. अब इन सुझावों पर संबंधित विभाग के सेक्रेटरी ही फैसला लेंगे. आपको बता दें कि पिछले 8 दिनों में महाराष्ट्र के मंत्रालयों में काम करने वाले 35 से ज्यादा कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए हैं.

महाराष्ट्र में बढ़ते मामलों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि देश में कुल एक्टिव मामले नियंत्रण में हैं और 1.50 लाख से नीचे बने हुए हैं. लेकिन महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों जैसे पंजाब और केरल में कोरोना के मामलों में अचानक से वृद्धि देखने को मिली है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि इस समय देश के कुल सक्रिय कोरोना मामलों के 38 प्रतिशत मामले अकेले केरल में हैं इसी तरह 37 प्रतिशत एक्टिव कोरोना मामले अकेले महाराष्ट्र में हैं.

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