उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 घोषित

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उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 घोषित

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कारोबारी माहौल सृजित करने में मिलेगी मदद: नन्दी

मंत्री परिषद की बैठक में नई औद्योगिक नीति को दी गई सहमति

नई औद्योगिक निवेश नीति 2022 के जरिये ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023 के आयोजन में मिलेगी काफी मदद

निवेशकों को मिलेगा भरपूर लाभ

उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी वाला राज्य बनाने में मिलेगी मदद

फरवरी 2023 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023 के मद्देनजर आज उत्तर प्रदेश मंत्री परिषद की बैठक में प्रदेश की नई व व्यापक औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 को स्वीकृति प्रदान की गई। जिसका उद्देश्य देश विदेश से निवेश आकर्षित करने के साथ ही प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना एवं अभिनव व प्रस्पिर्धी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का विकास करना है। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कारोबारी माहौल सृजित करने और उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी वाला राज्य बनाने के उद्देश्य से नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 घोषित की गई है।

मंत्री नन्दी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यस्था में उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण स्थान है। देश के सकल घरेलू उत्पाद में उत्तर प्रदेश लगभग 8 प्रतिशत का योगदान देता है तथा सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में से एक है। जहां भारत पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था एवं वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने के अपने विजन को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। वहीं प्रदेश द्वारा अपने सकल घरेलू उत्पाद के आकार को वन ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाकर उक्त अभियान में योगदान की योजना बनाई गई है। बदलती हुई वैश्विक अर्थव्यवस्था में नई प्रौद्योगिकियों के विकास को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कारोबारी माहौल सृजित करने और वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को प्राप्त करने के लिए गुरूवार को उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 को मंत्री परिषद की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई, जो अगले पांच वर्ष के लिए प्रभावी होगी।
मंत्री नन्दी ने कहा कि नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 का उद्देश्य प्रदेश में प्रगतिशील, अभिनव एवं प्रस्पिपर्धी आौद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना, पूंजी निवेश में वृद्धि करना, औद्योगिक विकास हेतु अवस्थापना सुविधाओं का विकास करना एवं भूमि बैंक को बढ़ाना है।

मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रदेश सरकार की पारदर्शी नीतियों और सुधारों के माध्यम से उत्तर प्रदेश, भारत के सर्वाधिक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए 23 विभागों को 10 लाख 40 लाख करोड़ का लक्ष्य दिया है। मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में विदेशी एवं स्वदेशी निवेशकों के लिए उत्कृष्ट सुविधाएं व प्रोत्साहन प्रदान किए गए है। निवेश को चार प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। वृहद श्रेणी- 50 करोड़ से अधिक, 200 करोड़ से कम, मेगा श्रेणी- 200 करोड़ से अधिक 500 करोड़ से कम, सुपर मेगा श्रेणी 500 करोड़ से अधिक 3000 करोड़ से कम, अल्ट्रा मेगा श्रेणी 3000 करोड़ से अधिक।

निवेश के सभी श्रेणियों में निवेशकों को निवेश प्रोत्साहन सब्सिडी पूंजीगत सब्सिडी, शुद्ध एसजीएसटी प्रतिपूर्ति व उत्पादन आधारित प्रोत्साहन टॉपअप सब्सिडी के रूप में दी जाएगी।

पूंजीगत सब्सिडी
गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मध्यांचल व पश्चिमांचल, बुंदेलखण्ड और पूर्वांचल क्षेत्र में निवेशकों को वृहद, मेगा, सुपर मेगा और अल्ट्रा मेगा श्रेणी में निवेश करने पर ईसीआई का 10 से 30 प्रतिशत की सब्सिडी 10 वार्षिक किश्तों में दी जाएगी।

शुद्ध एसजीएसटी प्रतिपूर्ति
गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मध्यांचल व पश्चिमांचल, बुंदेलखण्ड और पूर्वांचल क्षेत्र में निवेशकों को वृहद, मेगा, सुपर मेगा और अल्ट्रा मेगा श्रेणी में निवेश करने पर शुद्ध एसजीएसटी प्रतिपूर्ति 6, 12, 14 और 1़6 वर्षों में 16 से 300 प्रतिशत तक शुद्ध एसजीएसटी प्रतिपूर्ति दी जाएगी।
बुन्देलखण्ड व पूर्वांचल में 100 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जनपदों को छोड़ कर मध्यांचल व पश्चिमांचल में 75 प्रतिशत तथा गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद जनपदों में स्टाम्प ड््यूटी पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

निजी औद्योगिक पार्कोंं के विकास को प्रोत्साहन दिया जाएगा
निवेश क्षेत्र के आधार पर 45 करोड़ की सीमा के अधीन बुन्देलखण्ड और पूर्वांचल में 20 एकड़ या उससे अधिक के निजी औद्योगिकी पार्कों तथा ममध्यांचल और पश्चिमांचल में 30 एकड़ या उससे अधिक के निजी औद्योगिकी पार्कों के विकास कर्ताओं को 25 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी का प्राविधान किया गया है।

फास्ट ट्रैक भूमि आवंटन
नई औद्योगिक नीति में सुपर मेगा और उससे अधिक की निवेश परियोजनाओं, प्रतिष्ठित मेगा परियोजनाओं के साथ-साथ राज्य या केंद्र सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की औद्योगिक परियोजनाओं के लिए फास्ट ट्रैक भूमि आवंटन प्रस्तावित है। औद्योगिक विकास प्राधिकरण या विकास प्राधिकरण क्षेत्र में निवेशकों को सीधे भूमि आवंटित किया जाएगा।

लैंड बैंक सृजन को प्रोत्साहन
नीति औद्योगिक उपयोग के लिए गैर कृषि, बंजर एवं अनुपयोगी भूमि की पूलिंग को बढ़ावा देकर लैंड बैंक को बढ़ाया जाएगा। राजस्व संहिता के प्राविधानों में संशोधन करके उद्योगों के लिए भूमि उपयोग प्रबंधन को सरल बनाना, सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की रूग्ण इकाईयों आदि के स्वामित्व वाले लैंड बैंक को उपलब्ध कराना सम्मिलित है।

सर्कुलर अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन
नीति का प्रमुख ध्येय सतत विकास को बढ़ावा देना, औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करते हुए स्वच्छ एवं हरित वातावरण सुनिश्चित करना है। यह सर्कुलर अर्थव्यवस्था में निवेश आकर्षित करने एवं स्वच्छ मैन्यूफैक्चरिंग उपायों को अपनाने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान किए गए है।

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