एक देश–एक टैक्स का कानून बने, UPI पर MDR बंद हो : भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
मंदी के दौर में व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डालना उचित नहीं — सरकार से UPI चार्ज वापस लेने की मांग
प्रयागराज। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आज महानगर अध्यक्ष श्री योगेश गोयल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वर्तमान व्यापारिक परिस्थितियों, लगातार बढ़ती लागत, घटते मार्जिन तथा डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित/लगाए जा रहे UPI MDR (Merchant Discount Rate) जैसे शुल्कों को लेकर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक में अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों ने UPI को खुले मन से अपनाया है। छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों तक आज बड़ी संख्या में लेन-देन UPI के माध्यम से हो रहे हैं। ऐसे में UPI लेन-देन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लगाने से सीधे तौर पर व्यापारियों की लागत बढ़ेगी और इसका असर अंततः छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर पड़ेगा।
महानगर अध्यक्ष श्री योगेश गोयल ने कहा कि वर्तमान समय व्यापारियों के लिए चुनौतीपूर्ण है। बाजार में मांग और बिक्री पर दबाव है, प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और व्यापारियों के मार्जिन पहले की तुलना में काफी सीमित हो गए हैं। ऐसे समय में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज लगाना व्यापारियों पर एक और आर्थिक बोझ डालने के समान है।
पवन कुमार गुप्ता जी नें कहा कि सरकार को एक देश–एक टैक्स की स्पष्ट और सरल व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि व्यापारियों को अलग-अलग प्रकार के शुल्कों और जटिलताओं से राहत मिल सके। व्यापार को आसान बनाने के बजाय यदि हर डिजिटल लेन-देन पर नया शुल्क लगाया जाएगा तो इसका प्रतिकूल प्रभाव छोटे व्यापारियों और खुदरा कारोबार पर पड़ सकता है।
प्रिया पाराशर नें यह भी कहा गया कि UPI देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला बन चुका है। इसे व्यापक रूप से स्वीकार कराने में व्यापारियों की बड़ी भूमिका रही है। इसलिए व्यापारियों की मांग है कि UPI को कम लागत वाले भुगतान माध्यम के रूप में बनाए रखा जाए और सामान्य व्यापारिक लेन-देन पर MDR का अतिरिक्त भार न डाला जाए।
श्री गोयल ने सरकार से मांग की कि मंदी के इस दौर में व्यापारियों को राहत देने के लिए UPI MDR से संबंधित किसी भी अतिरिक्त शुल्क को वापस लिया जाए अथवा छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को इससे पूरी तरह मुक्त रखा जाए। साथ ही सरकार व्यापारियों के लिए ऐसी नीतियां बनाए जिससे व्यापार की लागत कम हो, कारोबार सुगम हो और बाजार में मांग को बढ़ावा मिले।
बैठक में वरिष्ठ महामंत्री नवीन अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और डिजिटल इंडिया के निर्माण में व्यापारियों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए नीतियां बनाते समय छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भारतीय औद्योगिक व्यापार मंडल ने सरकार से इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने तथा व्यापारियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत देने की मांग की है।
बैठक मे पवन कुमार गुप्ता वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल उपाध्यक्ष विकास वैश्य महामंत्री संदीप अग्रवाल प्रियंका पाराशर अनूप श्रीवास्तव अविनिश श्रीवास्तव आकाश सिंह प्रशांत त्रिपाठी नितीश श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहें.