प्रयागराज में जमीन विवाद को लेकर धमकी देने का आरोप, पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार
करेली थाना क्षेत्र के बक्शी मोढ़ा गांव में जमीन के विवाद को लेकर एक व्यक्ति ने भूमाफिया और उनके साथियों पर धमकी देने, जबरन कब्जा करने की कोशिश करने और रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता मोहम्मद नकी खान पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद इब्राहिम खान, निवासी तुलसीपुर, प्रयागराज ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि बक्शी मोढ़ा गांव में स्थित गाटा संख्या 1117/1 की जमीन पर उनका मालिकाना हक है। आरोप है कि जमीन के एक हिस्से को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जमीन के पूर्व मालिक से वर्ष 1993 में पंजीकृत विक्रय विलेख के माध्यम से जमीन खरीदी गई थी।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि रज्जन, कज्जन, ननका पुत्रगण नन्हे और उनके साथियों द्वारा जमीन पर कब्जा करने तथा उसे बेचने की कोशिश की जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें धमकी दी और जमीन पर अपना दावा जताया।
रेलवे अंडरपास के पास रोककर धमकाने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे वह अपनी जमीन पर जा रहे थे। इसी दौरान बक्शी रेलवे अंडरपास के पास आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, तमंचा निकालकर धमकाया और जमीन बेचने के लिए दबाव बनाया।
प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनसे 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जमीन पर कब्जा करने के लिए आरोपियों की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
पहले भी दी गई थी शिकायत
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस मामले में पहले भी करेली थाने में लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच कराने का अनुरोध किया। प्रार्थना पत्र के अनुसार, जमीन के विवाद को लेकर संबंधित पक्षों को कानूनी नोटिस भी भेजे गए थे।
शिकायतकर्ता ने पुलिस कमिश्नर से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा है कि जमीन पर कब्जे की कोशिश और धमकियों के कारण उन्हें जान का खतरा बना हुआ है।
फिलहाल, यह मामला शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।